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गले का संकà¥à¤°à¤®à¤£ जâ€à¤¿à¤¸à¥‡ हम सà¥â€à¤•ारलेट इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ à¤à¥€ कहते हैं उसके बाद रूमेटâ€à¤¿à¤• फीवर हो सकता है। ये बà¥à¤–ार सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥â€à¤Ÿà¥‹à¤•ोकस (streptococcus) बैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°â€à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण होता है। इस बैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°â€à¤¿à¤¯à¤¾ का बà¥à¤°à¤¾ असर तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ और शरीर दोनों पर पड़ता है। जब कâ€à¤¿à¤¸à¥€ वà¥â€à¤¯à¤•à¥â€à¤¤â€à¤¿ को रूमेटिक फीवर होता है तब शरीर की रोग पà¥à¤°à¤¤â€à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ का संतà¥à¤²à¤¨ बâ€à¤¿à¤—ड़ जाता है और शरीर में हेलà¥â€à¤¦à¥€ टâ€à¤¿à¤¶à¥‚ज खराब होने लगते हैं। आपको इस बà¥à¤–ार को हलà¥â€à¤•े में नहीं लेना चाहâ€à¤¿à¤, ये समय के साथ गंà¤à¥€à¤° रूप ले सकता है। रूमेटâ€à¤¿à¤• फीवर के कारण सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• या हारà¥à¤Ÿ फेलâ€à¤¿à¤¯à¤° की समसà¥â€à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। रूमेटâ€à¤¿à¤• फीवर वयसà¥â€à¤•ों के साथ-साथ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¥€ हो सकता है। ये फीवर 5 से 15 साल के बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पाया जाता है। रूमेटिक फीवर आमतौर पर कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‡ से लेकर महीने à¤à¤° तक मरीज के शरीर में रह सकता है इसलâ€à¤¿à¤ आपको à¤à¤¸à¥‡ मरीजों का खास खयाल रखने की जरूरत होती है।
रूमैटिक फीवर विकसित हो सकता है अगर सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ª थà¥à¤°à¥‹à¤Ÿ या सà¥à¤•ारà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ फीवर के संकà¥à¤°à¤®à¤£ का ठीक से इलाज नहीं किया जाता है या सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ª सà¥à¤•िन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ (इमà¥à¤ªà¥‡à¤Ÿà¤¿à¤—ो) के बाद । गà¥à¤°à¥à¤ª ठसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ोकस (गà¥à¤°à¥à¤ª ठसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ª) नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ इन संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ का कारण बनता है। इन संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ में से किसी à¤à¤• के बाद आमवाती बà¥à¤–ार विकसित होने में आमतौर पर लगà¤à¤— 1 से 5 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ लगते हैं।
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